गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011


दूर करें सब विघ्न गणेशजी

ध्यान तुम्हीं दिलावावो हे गंगा ।

प्रेरणा के संग काव्य में शक्ति दो

छंद मुझे लिखवावो हे गंगा ।

मानव जीवन सार्थक मुक्ति हो

मार्ग मुझे वो दिखावो हे गंगा ।

लोकोपकार की बात करूँ अस

पुण्य का फूल खिलावो हे गंगा ॥

* * *

मातु पिता कुल तार सकूँ तुम

ऎसी मुझे अभिव्यक्ति दे गंगा ।

भावमयी सद्भाव की भूमि दो

भूलूं नहीं वह भक्ति दे गंगा ।

भारत वर्ष में जन्म हूँ पाया तो

भारत में अनुरक्ति दे गंगा ।

अर्थ हो धर्म हो काम हो मोक्ष हो

सर्व समर्थ हों शक्ति दे गंगा ॥

2 टिप्‍पणियां:

  1. भारत वर्ष में जन्म हूँ पाया तो
    भारत में अनुरक्ति दे गंगा ।
    अर्थ हो धर्म हो काम हो मोक्ष हो
    सर्व समर्थ हों शक्ति दे गंगा ॥
    बहुत सुंदर तरीके से गंगा मां से शक्ति मांगी है....यह हमारा पावन कर्त्तव्य है...ब्लॉग भी फॉलो कर लिया है...

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